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Friday, March 3, 2017

पैसों की भूख और दूसरों से ईष्या कभी खत्म नही होती by Sukhdev Taneja


 

जिन्दी का एक कड़वा सच ये भी हैं कि पैसों की भूख और दूसरों से ईष्या कभी खत्म नही होती। 

सुखदेव तानेज की कलम से (जीवन के गूढ़ रहस्य पर आधरित)


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Wednesday, November 2, 2016

Inspiring Words by Sukhdev Taneja


ये भी एक कड़वा सच है कि दुनिया में लाखों लोग 
इस लिए महान नही बनते 

क्योंकि इसके लिए उनको पैसे नही मिलते।

सुखदेव तानेज की कलम से (जीवन के गूढ़ रहस्य पर आधरित)

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Monday, June 13, 2016

जिंदगी का कड़वा सच (Sukhdev Quotes)


जिसको मै अपना दोस्त समझता था, मुसीबत मे वो सबसे पहले मुझे अकेला छोड़ कर गया।

सुखों मे जिसको (मेरी अन्तरात्मा) मैने कभी नही पूछा, वो हमेशा सबसे पहले दुखो मे मदद को आया।

{सुखदेव की कलम से}

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Thursday, February 25, 2016

Tuesday, November 3, 2015

जिस इन्सान ने अपनी इच्छाओ पर काबू पा लिया


जिस इन्सान ने अपनी इच्छाओ पर काबू पा लिया 

 उसने अपने दुःखोँ पर काबू पा लिया ।



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Tuesday, October 27, 2015

इस उम्मीद से मत फिसलो


इस उम्मीद से मत फिसलो
कि तुम्हें कोई उठा लेगा!!


सोच कर मत डूबो दरिया में
कि तुम्हें कोई बचा लेगा!!

ये दुनिया तो एक अड्डा है
तमाशबीनों का दोस्तों!!

अगर देखा तुम्हें मुसीबत में तो
यहां हर कोई मज़ा लेगा!!

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Wednesday, March 11, 2015

Spiritual Words by Osho


ज्ञान दो प्रकार का है; विषयगत ज्ञान और आत्‍मगत ज्ञान। एक तो विषय का ज्ञान है और दूसरा स्‍वयं का ज्ञान है।

और कोई आदमी चाहे लाखों चीजें जान ले। चाहे वह पूरे जगत को जान ले। लेकिन अगर वह स्‍वयं को नहीं जानता है तो वह अज्ञानी है।

वह जानकार हो सकता है। पंडित हो सकता है। लेकिन वह प्रज्ञावान नहीं है। संभव है कि वह बहुत जानकारी इकट्ठी कर ले। बहुत ज्ञान इकट्ठा कर ले, लेकिन उसके पास उस बुनियादी चीज का अभाव है जो किसी को प्रज्ञावान बनाता है। वह स्‍वयं को नहीं जानता है। ~ ओशो